#Hindi Quote
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मैने अपनी परछाई से पूछा तुम मेरे साथ क्यों चलती हो, परछाई ने मुस्कुरा कर बोला अरे पागल मेरे सिवा तेरा है ही कौन
जिसने कभी विपत्तियां नही देखी, उसे अपनी ताकत का कभी एहसास नही होगा।
कुछ पल का साथ देकर तुमने, पल पल के लिए बेचैन कर दिया
किस्मत की लकीरों पर ऐतबार करना छोड़ दिया, जब इंसान बदल सकते हैं तो किस्मत क्यों नहीं
दिल कहता है मैसेज कर दू उसे, दिमाग कहता है हर बार जलील होना ठीक नहीं
यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं की, खैरियत पूछने वाला आपकी खैरियत भी चाहता हो
बड़ी अजीब होती है ये यादें, कभी हसा देती है, कभी रुला देती है
कभी कभी वो दौर भी आता है ज़िंदगी में, जब आपको अपनी पसंद से भी नफरत हो जाती है।
न कर फ़िक्र की जमाना क्या सोचेगा, ज़माने को अपनी ही फ़िक्र से फुरसत कहाँ!
जहां में डूबा था मुझे वही किनारा चाहिए, तू फिर आ मेरे पास मुझे तू दोबारा चाहिए