#Hindi Quote
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मैने अपनी परछाई से पूछा तुम मेरे साथ क्यों चलती हो, परछाई ने मुस्कुरा कर बोला अरे पागल मेरे सिवा तेरा है ही कौन
बस इसलिए हम कुछ नहीं कहते तुमसे, तुम समांझोगे नही और हम रो देंगे
जहां में डूबा था मुझे वही किनारा चाहिए, तू फिर आ मेरे पास मुझे तू दोबारा चाहिए
किस्मत की लकीरों पर ऐतबार करना छोड़ दिया, जब इंसान बदल सकते हैं तो किस्मत क्यों नहीं
अपनी मेहनत और हुनर से इतने काबिल बन जाओ कि कोई भी अमीर आदमी तुम्हारी मेहनत और हुनर को खरीद ना सके।
वो सोचती होगी बड़े चैन से सो रहा हु मै, उसे क्या पता ओढ़ कर चादर रो रहा हु में
सहमी हुई थी झोपड़ी बारिश के खौफ से, मेहलो की आरजू थी के बारिश जरा जम के बरसे
धोका ऐसे ही नही मिलता, भला करना पड़ता है लोगो का
अपनी खुशहाल जिंदगी के लिए कुछ भी छोड़ देना, लेकिन किसी के लिए अपनी खुशहाल जिंदगी को ना छोड़ना!
न कर फ़िक्र की जमाना क्या सोचेगा, ज़माने को अपनी ही फ़िक्र से फुरसत कहाँ!