#Hindi Quote
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मुझपर बहुत जिम्मेदारियां थी मेरे घर की, माफ करना मैं तेरे इश्क में मर नहीं सकता
दुनिया में प्यार से ज़्यादा दर्द कुछ
यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं की, खैरियत पूछने वाला आपकी खैरियत भी चाहता हो
किस्मत की लकीरों पर ऐतबार करना छोड़ दिया, जब इंसान बदल सकते हैं तो किस्मत क्यों नहीं
सबर मेरा कोई क्या ही आजमाएगा, मैंने हंस के छोड़ा है उसे जो मुझे सबसे प्यारा था
नामुमकिन कुछ भी नही है हम वह सब कर सकते हैं जो हम सोच सकते हैं और वह सब सोच सकते हैं जो हमने कभी नहीं सोचा कि कि सब कुछ संभव है।
सहमी हुई थी झोपड़ी बारिश के खौफ से, मेहलो की आरजू थी के बारिश जरा जम के बरसे
जिस किताब की कहानी कुछ अपनी सी लगे, उसे अपने दिल के करीब रखिए,
जो प्रेमी पूजते है अपनी प्रेमिका इष्ट की तरह, तय है उनका हवन की तरह जलना
बस इसलिए हम कुछ नहीं कहते तुमसे, तुम समांझोगे नही और हम रो देंगे