#Hindi Quote

बस इसलिए हम कुछ नहीं कहते तुमसे, तुम समांझोगे नही और हम रो देंगे

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मुझपर बहुत जिम्मेदारियां थी मेरे घर की, माफ करना मैं तेरे इश्क में मर नहीं सकता
माना दूरियां कुछ बढ़ सी गई है, मगर तेरे हिस्से का वक्त हम आज भी तनहा गुजरते हैं
बड़ी अजीब होती है ये यादें, कभी हसा देती है, कभी रुला देती है
कुछ पल का साथ देकर तुमने, पल पल के लिए बेचैन कर दिया
इसलिए समझदारी इसी में है की सोचने में समय व्यर्थ न करे और उस काम को आज से ही शुरू करे। (ब्रूस ली)
इसलिए जो व्यक्ति झुक रहा है, वो पहाड़ चढ़ रहा है और जो अकड़ रहा है वो बड़ी तेजी से नीचे आ रहा है। (अल्बर्ट आइंस्टीन)
मैं अकेली हूं लेकिन फिर भी मैं हूं मैं सब कुछ नहीं कर सकती, लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूं और सिर्फ इसलिए कि मैं सब कुछ नहीं कर सकती मैं वह करने से पीछे नहीं हट दूंगी जो मैं कर सकती हूं।” – हेलन केलर
सहमी हुई थी झोपड़ी बारिश के खौफ से, मेहलो की आरजू थी के बारिश जरा जम के बरसे
जो लोग कहते है कि उन्हें प्यार से बहुत नफरत है,
धोका ऐसे ही नही मिलता, भला करना पड़ता है लोगो का