#Quote

हटाए थे जो राह से दोस्तों की वो पत्थर मिरे घर में आने लगे हैं

Facebook
Twitter
More Quotes
पत्थर तो हज़ारों ने मारे थे मुझे लेकिन जो दिल पे लगा आ कर इक दोस्त ने मारा है
दोस्ती आम है लेकिन ऐ दोस्त दोस्त मिलता है बड़ी मुश्किल से
दोस्ती ख़्वाब है और ख़्वाब की ता'बीर भी है रिश्ता-ए-इश्क़ भी है याद की ज़ंजीर भी है
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार होता
दुश्मनों से प्यार होता जाएगा दोस्तों को आज़माते जाइए
अगर तुम्हारी अना ही का है सवाल तो फिर चलो मैं हाथ बढ़ाता हूँ दोस्ती के लिए
भूल शायद बहुत बड़ी कर ली दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली
दोस्ती जब किसी से की जाए दुश्मनों की भी राय ली जाए
तुझे कौन जानता था मिरी दोस्ती से पहले तिरा हुस्न कुछ नहीं था मिरी शाइरी से पहले
हम को यारों ने याद भी न रखा जौन' यारों के यार थे हम तो