#Quote

अपनी पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैंने, ठीक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने

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हर सुबह एक नया अवसर लाती है, खुद को साबित करने का और अपनी दिशा निर्धारित करने का।
उदास करती है मुझे हर रोज़ ये शाम, ऐसा लगता है जैसे कोई भुला रहा है धीरे-धीरे…!!
अपनी मेहनत और हुनर से इतने काबिल बन जाओ कि कोई भी अमीर आदमी तुम्हारी मेहनत और हुनर को खरीद ना सके।
उम्मीद से बढ़कर निकली तुम तो ! मैंने तो सोचा था दिल ही तोड़ोगी तुमने तो मुझे ही तोड़ दिया
आंसू किसी और के दुख को समझता नहीं है, और न ही किसी की खुशी को। - Franz Schubert
सफल और असफल लोग अपनी क्षमताओं में बहुत भिन्न नहीं होते हैं। वे अपनी क्षमता तक पहुँचने के लिए अपनी इच्छाओं में भिन्न होते हैं - जॉन मैक्सवेल
जो लोग दर्द को समझते हैं वो लोग कभी दर्द की वजह नहीं बनते
कुछ यादों को आप कभी नहीं छोड़ना चाहते, चाहें उसके लिए आपको कितनी ही पीड़ा क्यों न सहनी पड़े.
वो किताबों में लिखा नहीं था , जो सबक़ ज़िन्दगी ने सिखाया मुझे !
हर आदमी के अपने गुप्त दुख होते हैं जिन्हें दुनिया नहीं जानती; और कई बार हम किसी आदमी को कठोर समझते हैं जब वह केवल उदास होता है।