#Quote

इंसान अपनी कमाई के हिसाब से नहीं, अपनी ज़रूरत के हिसाब से गरीब होता

Facebook
Twitter
More Quotes
कितना मुश्किल होता है उस शख्स को मनाना, जो रूठा भी ना हो और बात भी ना
बहन वे हैं जो हमें मजबूत, बहादुर और बेहतर इंसान बनाते हैं।
थोड़ा है, थोड़ी की जरूरत है। जिंदगी फिर भी यहां खूबसूरत है।
हकीकत कुछ और ही होती है, हर गुमसुम इन्सान पागल नहीं
इंसान एक ऐसा ग़ाफिल मंसूबा साज़ है कि वह अपनी सारी जिंदगी की प्लानिंग में कभी अपनी मौत को शामिल ही नहीं
आपका किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति कोई कर्तव्य नहीें है। अगर आपमें प्रेम और सेवा-भाव है; तो आप वही करेंगे जिसकी आवश्यकता है।
अक्सर उन लोगो के दिल टूटे होते है, जो सबका दिल रखने की कोशिश करते
चुपके से एक दिन रख आऊं, सभी खुशियां उनके सिरहाने में, जिन्होंने एक अरसा बिता दिया, मुझे बेहतर इंसान बनाने में।
इंसान का असली चेहरा तब सामने आता हैं जब वो नशे में होता हैं... फिर चाहे नशा पैसे का हो, पद का हो, शक़्ल का हो या शराब का...
जो बनाए हमें इंसान और दे सही-गलत की पहचान देश के उन निर्माताओं को हम करते हैं शत-शत प्रणाम! हैप्पी टीचर्स डे!