More Quotes
अब वो नफरत में बदल गयी है।
जैसे प्यार को मानते ही नहीं थे।
निपुणता हमेशा आपके आसपास के लोगों के प्रति आपके प्रेम और परवाह का नतीजा होनी चाहिए - न कि एक मशीनी और उदासीन कार्य-भावना का।
मगर लोग मोहब्बत का सुबूत ज़रूर मांगते है।
जैसे कभी जानते ही नहीं थे
ज़िन्दगी भर नहीं दूंगा।
तुम बस काबिल हो बस मेरी नफरत के।
नही हो अब तुम हिस्सा मेरी किसी हसरत के,
बात जो भी हो सामने बया होती है ए दोस्त इश्क़ में चालाकियाँ कहाँ होती है
तेरी हर एक बात को हंसते-हंसते सह लूंगा बस मोहब्बत में शामिल कोई और ना हो