#Quote

लोगों के साम्राज्य में अपने साहस की राजधानी बसा लो।

Facebook
Twitter
More Quotes
मैं ज़िन्दगी से नहीं अपने आप से नाराज़
कोई सिखादे मुझे भी अपने वादों से मुक़र जाना ! बहुत थक चुका हूँ निभाते-निभाते.
ज़िन्दगी में एक हसी वो होती है जो इंसान अपने ग़म को छुपाने के लिए खुद सीखता है
कोई अपना चलता है, तो कोई जमाने के पीछे।
हमेशा अपने विचारों शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें।
अगर लोग मुझे एक अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखते हैं, तो मेरे लिए ये सबसे बड़ा सम्मान होगा।
कर्मणयेवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
दुःख तुमने मुझे नहीं दिया है मैंने अपने आप को
सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।
अजीब फितरत है लोगों की, अपनी गलती पर वकील बनते हैं और दूसरे की गलती पर जज बनते हैं!