#Quote

कर्मणयेवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।

Facebook
Twitter
More Quotes
जिसका खारा वो ही सोच रहा है, और जिसका मीठा वो ही बोल रहा है।
सबसे बड़ा रोग, खुद को बड़ा समझने का है।
ज़रा सोच कर वज़न रखो, फिर खा लो।
मनोविश्लेषण सही करो, वो दुनिया के साथ अच्छा संयोजन हो जाएगा।
सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।
महत्वपूर्ण बातें आखिरी साँस तक प्रारंभ नहीं होती, उसे भूलना अपनी आदत बना लो।
कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है।
अगर आपके सपने आपको नहीं डरा रहे हैं, तो वो पहले से पुरे होने लग चुके हैं।
बीत गया जो सो चिद्यता, न भूलेगा जमाना।
अपना गिरवी रखो, जब तक आपकी वजह से मंज़िल न मिल जाए।