#Hindi Quote
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नही हो अब तुम हिस्सा मेरी किसी हसरत के,
जैसे प्यार को मानते ही नहीं थे।
अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही।
समझ नहीं आता किस पर भरोसा करू,
बात जो भी हो सामने बया होती है ए दोस्त इश्क़ में चालाकियाँ कहाँ होती है
मैं बिन फेरों के भी रिश्ता निभाऊंगा बश तुम मेरा हाथ थामें रखना
मैं प्यार का इस्तीफा
दुनिया को नफरत का सुबूत नहीं देना पड़ता,
उसने रुलाया है, वही हँसाएगा
निपुणता हमेशा आपके आसपास के लोगों के प्रति आपके प्रेम और परवाह का नतीजा होनी चाहिए - न कि एक मशीनी और उदासीन कार्य-भावना का।