#Hindi Quote

इससे ज्यादा इश्क का सबूत और क्या दूं साहब मैंने उसके जिस्म को नहीं उसकी रूह को चुना है

Facebook
Twitter
More Quotes
मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे मैं हूँ दर्द-ए-इश्क़ से जाँ-ब-लब मुझे ज़िंदगी की दुआ न दे
समझ नहीं आता किस पर भरोसा करू,
अब ऐसे नफरत जताते हो
ये वही लोग है जिन्हें प्यार में सिर्फ नफरत ही मिलती है।
बात जो भी हो सामने बया होती है ए दोस्त इश्क़ में चालाकियाँ कहाँ होती है
हमें उम्र से हमने तुमको चाहा है, जिस उम्र में हम जिस्म से वकीफ ना थे..
ये मेरा इश्क है इसे झूठा ना कहो हाँ, एकतरफा कहने का हक है तुम्हें!
छुपा रहा हूं इश्क अभी सबसे पर एक दिन सरेआम तुम्हें लेने आऊंगा
रूह तक कांप जाती है, तेरे ना होने के ख्याल को सोचकर ही,
प्यार में अगर किसी के लिए रोना आए तो समझ लेना प्यार सच्चा है