#Hindi Quote
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तुम बस काबिल हो बस मेरी नफरत के।
प्रेम की गहराई को जानने के लिए आपके कम-से-कम कुछ अंश को मिटना होगा। वरना किसी दूसरे के लिए जगह नहीं होगी ।
तुम से जो मोहबत थी ना,
नही हो अब तुम हिस्सा मेरी किसी हसरत के,
यहाँ तो लोग नफरत भी करते है प्यार की तरह।
वासना एक ज़बरदस्त ज़रूरत है; प्रेम कोई ज़रूरत नहीं है। जब आप प्रेम करते हैं, तब आप तृप्त हो जाते हैं, और किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं रहती। प्रेम में, आप बस यहाँ बैठकर अपना पूरा जीवन बिता सकते हैं।
ज़िन्दगी भर नहीं दूंगा।
अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही।
तुम ना ही मिलते तो अच्छा था,
प्रेम कोई सहूलियत का साधन नहीं है। यह खुद को मिटाने की एक प्रक्रिया है।