#Hindi Quote
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कौन समझता है किसी को कोई यहां झूठे दिलासे, कोरा सा अपनापन मिलता है मुफ्त में यहां।
घायल तो यहां हर परिंदा है. मगर जो फिर से उड़ सका वहीं जिंदा है.
अपनी पीठ की मजबूती को बढ़ाए, शाबाशी और धोखा दोनों पीछे से ही मिलते है।
पैसा" आज के जमाने में इज्ज़त भी पैसे देखकर किए जाते हैं, बिना पैसे के तो लोग ज़रूरत भी नहीं समझते। -तेजस्विनी कुमारी
माहौल यहा कुछ इस तरह है। अजब सी कशीश हर एक मनमे। जी रहा है ,हरकोई डर डर के.. मांग रहा है ,जिंदगी मर मर के ए खुदा के बंदे , ढुंड जरा जमानेमे खुशीया हजार मिलेंगी, हर एक पलमे लाखो जनम जी लेगा , बस तू एक बार जीना सीख ले।
समय सीमा पर काम खत्म कर लेना काफी नहीं है मैं समय सीमा से पहले काम खत्म होने की अपेक्षा करता हूं ।
समय सीमा पर काम खत्म कर लेना काफी नहीं है मैं समय सीमा से पहले काम खत्म होने की अपेक्षा करता हूं
घायल तो यहां हर परिंदा है। मगर जो फिर से उड़ सका वहीं जिंदा है।
जीवन में दुःख और सुख दोनों एक साथ चलते हैं! जब एक थक जाता है तो दूसरा उसका स्थान ले लेता है!
समय सीमा पर काम खत्म कर लेना काफी नहीं है मैं समय सीमा से पहले काम खत्म होने की अपेक्षा करता हूं ।” धीरूभाई अंबानी