#Hindi Quote

गुज़र जायेगा ये दौर भी ज़रा सब्र तो रख ! जब खुशियाँ ही न रुकी तो ग़म की क्या औकात है !!

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हँसकर दर्द छुपाने का हुनर मशहूर था मेरा ! पर कोई हुनर काम न आया जब तेरा नाम आया !!
गुज़र जायेगा ये दौर भी ज़रा सब्र तो रख ! जब खुशियाँ ही न रुकी तो ग़म की क्या औकात है !!
हुस्न वाले जब तोड़ते हैं दिल किसी का ! बड़ी मासूमियत से कहते हैं मजबूर थे हम !!
वो एक रोज सारी खुशियाँ लेकर लौट आएगी, इस उम्मीद को लेकर बहाल रही है जिंदगी
वक्त का काम तो गुजरना है, अच्छा है तो शुक्र करो, बुरा है तो सब्र!
जिनके दिल पर चोट लगती है , वो अक्सर आँखों से नहीं दिल से रोते हैं .
जीवन में गिरना भी अच्छा है, औकात का पता चलता है, बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को, तो अपनों का पता चलता है.
अपने रिश्तो को उस ताले की तरह बनाओ जिसे हथोड़े की चोट तो मंजूर हो, मगर किसी दूसरी चाबी से खुलना मंजूर नहीं.
अगर आप किसी से कुछ भी उम्मीद नहीं करते हैं तो आप कभी निराश नहीं होते
गुजर जाएगा ये दौर भी ज़रा सा सब्र तो रख, जब खुशियों ही नहीं रुकी तो गम की क्या औकात है