#Hindi Quote
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गुजर जाएगा ये दौर भी ज़रा सा सब्र तो रख, जब खुशियों ही नहीं रुकी तो गम की क्या औकात है
गुज़र जायेगा ये दौर भी ज़रा सब्र तो रख ! जब खुशियाँ ही न रुकी तो ग़म की क्या औकात है !!
कोई अपना चलता है, तो कोई जमाने के पीछे।
जमाने में वही लोग हम पर उंगली उठाते हैं जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती
जो रातों को कोशिशों में गंवा देते हैं, वहीं सपनों की चिंगारी को और हवा
ज़माने लगते है सुबह होने में, जिन्हें रात को नींद नहीं आती I
हर छोटा बदलाव बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता
असंभव शब्द का प्रयोग केवल कायर ही करते हैं
जीवन में गिरना भी अच्छा है, औकात का पता चलता है, बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को, तो अपनों का पता चलता है.
मुनाफा का तो पता नहीं लेकिन बेचने वाले तो यादों को भी कारोबार बना कर बेच