#Quote
More Quotes
मैं ज़िन्दगी से नहीं अपने आप से नाराज़
ज़िन्दगी पल-पल ढलती है, जैसे रेत मुठ्ठी से फिसलती है कुछ खोकर पछताना क्यों, ज़िंदगी जैसी भी है बस एक ही बार मिलती है
मैं ज़िन्दगी से नहीं, अपने आप से नाराज़ हूँ – अर्जुन
दिल में तेरी चाहत लबो पे तेरा नाम है, तू मोहब्बत कर या ना कर, मेरी ज़िन्दगी “तेरे नाम” है.
मनुष्य जितना सोचता है उससे कहीं ज्यादा_नैतिक है, और वो इतना अनैतिक है कि वो उसकी कल्पना भी नहीं कर सकता।
ज़िन्दगी भी अक्सर कमाल करती है कभी देती है जवाब तो कभी सवाल करती है।
जो #बीत गया उसे भूल जाओ जो कर रहे हो उस पर #विश्वास करो ध्यान रखो ‘कर्म’ का फल वक्त देगा।
जिसके पास उम्मीद और आस है, वो ज़िन्दगी के हर इम्तिहान में पास हैं…!
मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में, बस हम गिनती उसी की करते है जो हासिल ना हो सका।
सच्ची दोस्ती के रंग गहरे पक्के होते हैं, ज़िन्दगी की धूप में भी उड़ा नही करते।