#Quote

ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी

Facebook
Twitter
More Quotes
ज़िंदगी में कभी खुद से तो कभी सब से लड़ना पड़ता है ज़िंदगी क्या है, इस सवाल को पहले समझना पड़ता है।
हर सुनी-सुनाई बात पर यकीन मत करिए क्योंकि हर एक कहानी के 3 पहलू होते हैं, एक आपका, एक उनका और एक असलियत।
ज़िन्दगी भी अक्सर कमाल करती है कभी देती है जवाब तो कभी सवाल करती है।
ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी।
बहुत जी लिया मैंने ज़िन्दगी को और सीखा है कि सबको खुश देखने में ही खुद की भलाई है।
सच्चे प्यार में ही ज़िन्दगी की सबसे खूबसूरती छुपी होती है।
लोगों की सुने इतनी फुर्सत कहां हमारी खुद की जिंदगी हमसे मुंह फुलाए बैठी है ।
सोने से तो बस नींद पूरी होती है सपना पूरा करने के लिए तो उठना पड़ता है
याद रहे ये ज़िन्दगी तुम्हें हारने का मौका तब तक नहीं देगी, जब तक तुम खुद न हार मान लो।
मैं ज़िन्दगी से नहीं अपने आप से नाराज़