#Quote

तुम बस काबिल हो बस मेरी नफरत के।

Facebook
Twitter
More Quotes
तुम से जो मोहबत थी ना,
निकाल दिया उसने अपनी जिंदगी से भीगे कागज़ की तरह, ना लिखने के काबिल छोड़ा ना जलने के
केवल वे ही लोग, जो अपने दिमाग का कचरा किनारे रख सकते हैं, वास्तव में प्रेम और करुणा के काबिल होते हैं।
आप प्रेम में खड़े नहीं हो सकते, आप प्रेम में चढ़ नहीं सकते, आप प्रेम में उड़ नहीं सकते - आप प्रेम में सिर्फ डूब सकते हैं।
मैं इश्क लिखूं और उसे हो जाए काश मेरी शायरी में कोई ऐसे खो जाए
सही फैसले लेने वाले कभी मुड़कर नहीं देखते, बस आगे बढ़ते जाते हैं।
समझ नहीं आता किस पर भरोसा करू,
ये वही लोग है जिन्हें प्यार में सिर्फ नफरत ही मिलती है।
बात जो भी हो सामने बया होती है ए दोस्त इश्क़ में चालाकियाँ कहाँ होती है
जैसे कभी जानते ही नहीं थे