#Quote
More Quotes
ज़िन्दगी के बहुत से इम्तिहान बाकी हैं अभी तो बस चलना सीखा है नापने को पूरी कायनात बाकी है। गिरूंगा सीखूंगा उठूंगा अभी सीखने को पूरा संसार बाकी है।
कौन समझता है किसी को कोई यहां झूठे दिलासे, कोरा सा अपनापन मिलता है मुफ्त में यहां।
अस्तित्व की इस लड़ाई में एक संघर्ष दायित्व का भी है।
स्कुल की परिक्षाये भलेही रद्द की गयी हो। जिंदगी की बडी कठीण परीक्षा की घडी है..ये देनी ही होगी।
जब इंसान जिंदगी कि अपनी सभी इच्छाओं से, मुक्त हो जाता है या कहो वो अपने सारे इन्द्रियों को, अपने काबु में रखता है, तब ही उसे शांति मिल सकती है!
कहो कि कैसे गुजर रही है रात भारी या दिन है गम में, या हमारी तरह जिंदगी रेत सी यूं फिसल रही है।
एतबार किया खता नहीं एतबार से बडी खता नहीं
लम्हे तो है बीते सारे लेकिन लगते है आज भी जैसे हो वो कल
व्यक्ति कर्मों में जीता है वर्षों में नहीं
लम्हे तो है बीते सारे लेकिन लगते है आज भी जैसे हो वो कल