#Quote
More Quotes
इंसान का असली चेहरा तब सामने आता हैं जब वो नशे में होता हैं... फिर चाहे नशा पैसे का हो, पद का हो, शक़्ल का हो या शराब का...
तीन_शब्दों में मैंने #ज़िन्दगी में जो कुछ भी सीखा है उसका_सार दे सकता हूँ #ज़िन्दगी चलती जाएगी !
ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी।
पहचान के ज़रिये मिला काम बहुत कम समय के लिए ही टिक पाता है, लेकिन काम से मिली पहचान ज़िन्दगी भर क़ायम रहती है।
सुना है वक़्त ज़िन्दगी को पूरा बदल देता है।
जितना_मैंने सोचा था ज़िन्दगी उससे कहीं_छोटी है !
ज़िन्दगी में अगर गुलाब की तरह खिलना है तो कांटों से तालमेल की कला को सीखना ही होगा।
मैं ज़िन्दगी से नहीं अपने आप से नाराज़
जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका आपसे बात करने का तरीका भी बदल जाता है।
ना कोई तरंग है, ना कोई उमंग है, मेरी ज़िन्दगी भी क्या एक कटी पतंग है