#Quote

मैं चाहूं तो आज ही तुम्हे मना लू, मगर तुम वो रहे ही नही जिसकी मुझे तलब थी.!!!

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मुस्कुराते हुए इंसान को कभी जब देखना, हो सकता है रूमाल गिला मिले
संभल कर चल नादान ये इंसानों की बस्ती है, ये खुदा को भी आजमा लेते है, फिर तेरी क्या हस्ती है..!!!
मैने दिल के दरवाजे पर लिखा था अंदर आना मना है, इश्क मुस्कुराता हुआ बोला माफ करना मैं अंधा हु..!!!
मैं उस दरख्त की तरह हूं, जिसके पत्ते रोज गिरकर जमीन पर बिखर जाते हैं, लेकिन वह हवाओं से अपना रिश्ता कभी नहीं बदलता।
जब उन्हे पाने के काबिल हुए हम, वो किसी और को हासिल हो गए..!!!
दिन ब दिन खुद को खोता जा रहा हु मै, ये मैं भी नही जानता क्या होता जा रहा हु मै..!!
तुम कहा हो मेरे करीब आओ, मैं कहा हु मुझे पता तो चले..!!!
वो छोटी छोटी उड़ानों पर गुरुर नहीं करता, जो परिंदा अपने लिए आसमान ढूंढता है..!!!
हजारों मुकम्मल ख्वाबों के बीच, तेरा ना मिलना खलता बहुत है..!!!
मैं हर रात कुछ इस क़दर बिखरता हु, की मुझे समेटने के लिए ये रात सदियों में गुजरती है..!!!