#Quote
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हुआ तो कुछ भी नहीं, बस थोड़े से ख्वाब टूटे हैं, और थोड़े से लोग बिछड़े ह।
चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा
आज तो हम ख़ूब रुलायेंगे उन्हें, सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत
दोस्ती ख़्वाब है और ख़्वाब की ता’बीर भी है रिश्ता-ए-इश्क़ भी है याद की ज़ंजीर भी
कभी-कभी हम किसी के लिए उतना भी ज़रूरी नहीं होते, जितना की हम सोचते
दोस्ती ख़्वाब है और ख़्वाब की ता'बीर भी है रिश्ता-ए-इश्क़ भी है याद की ज़ंजीर भी है
जब इंसान अन्दर से टूटता है तो बहार से खामोश हो जाता
बस यही दो मसले जिंदगी के हल ना हुए, ना नींद पूरी हुई ना ख्वाब मुकम्मल हुए..!!!
इंसान अपनी कमाई के हिसाब से नहीं, अपनी ज़रूरत के हिसाब से गरीब होता
बहुत मजबूत हो जाते है वो लोग, जिनके पास खोने को कुछ नहीं