#Quote

किसी को इतना भी मत डराओ कि डर ही ख़त्म हो जाये।

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मेरा परिवार मेरी ताकत और मेरी कमज़ोरी है।
मूर्ख दूसरों पर हँसते हैं, बुद्धिमान ख़ुद पर।
सपनों की उड़ान वही भर सकते हैं, जो अपने डर को पीछे छोड़ देते हैं
ख़ुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
ख़ुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है।
जहाँ भी आज़ाद रूह की झलक पड़े समझना वह मेरा घर है।
तुम लड़ो, तुम मेरी बहन की रक्षा करो छू न जाये ये दर्द मुझे, इस चिंता में इतना डर ​​क्यों?
आज से, आप जिस किसी से भी मिलें उसके साथ ऐसा व्यवहार करें जैसे कि वे आज रात मर रहे हों। आप जो भी देखभाल, दयालुता और समझ जुटा सकते हैं, उन सभी तक पहुँचाएँ और ऐसा इनाम के बारे में सोचे बिना करें। आपका जीवन फिर कभी इस तरह का नहीं रह पाएगा। - और मैंडिनो
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।– हरिवंश राय बच्चन
दर्द, गम, डर जो भी है बस तेरे अंदर हैं, खुद के बनाये पिंजरे से निकल कर देख, तू भी एक सिकंदर है!