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अभिमान की ताकत फरिश्तों को भी शैतान बना देती है, लेकिन नम्रता भी कम शक्तिशाली नहीं है, वह साधारण इंसान को फ़रिश्ता बना देती है।
जब इंसान अन्दर से टूटता है तो बहार से खामोश हो जाता
खुद पर काबु रखना एक परिपक्व इंसान की निशानी है; वक्त से पहले खुद पर काबु खो देना अपरिपक्वता की पहचान है।
इंसान नीचे बैठा दौलत गिनता है कल इतनी थी आज इतनी बढ़ गयी। ऊपर वाला हंसता है और इंसान की सांसे गिनता है, कल इतनी थी आज इतनी कम हो गयी।
मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में, बस हम गिनती उसी की करते है जो हासिल ना हो सका.
थोड़ा है, थोड़ी की जरूरत है। जिंदगी फिर भी यहां खूबसूरत है।
इंतज़ार करने वालों को सिर्फ़ उतना ही मिलता है जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।
ऐ उमर… अगर दम है तो कर दे इतनी सी खाता। बचपन तो छीन लिया, बचपना छीन कर बता।
जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका आपसे बात करने का तरीका भी बदल जाता है।
झूठे तेरे वादों पे बरस बिताये। जिंदगी तो काटी, ये रात कट जाए।