#Quote

किस्मत की लकीरों पर ऐतबार करना छोड़ दिया, जब इंसान बदल सकते हैं तो किस्मत क्यों नहीं

Facebook
Twitter
More Quotes
जहां में डूबा था मुझे वही किनारा चाहिए, तू फिर आ मेरे पास मुझे तू दोबारा चाहिए
अच्छे दोस्त और अच्छे भाई किस्मत वालों को ही मिलते हैं।
भरोसा तो खैर सांसों का नहीं होता, और लोग इंसान पर कर लेते है।
कभी तो चौक के देखे कोई इंसान तरफ, किसी की आंख में हमको भी इंतजार दिखे।
सहमी हुई थी झोपड़ी बारिश के खौफ से, मेहलो की आरजू थी के बारिश जरा जम के बरसे
ज़िन्दगी में एक हसी वो होती है जो इंसान अपने ग़म को छुपाने के लिए खुद सीखता है, और एक हसी वो होती है जो इंसान के सारे ग़म भुला देती है
मैदान में हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता है, लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता।
किसी भी इंसान की इच्छाशक्ति और दृढ़संकल्प उसे भिखारी से राजा बना सकती है
शिक्षक अपने छात्रों को बेहतर इंसान बनाने और अच्छी शिक्षा देने के लिए कई रचनात्मक और नई तरीकों का उपयोग करते हैं।
जब इंसान अन्दर से टूटता है तो बहार से खामोश हो जाता