#Quote

स्वयं के प्रति ईमानदार होना आत्म-सम्मान का सर्वोच्च रूप है। यदि आप कुछ महसूस नहीं कर रहे हैं, तो इसे न करें।

Facebook
Twitter
More Quotes
यदि हम अपने आप को उच्च सम्मान में नहीं रखते हैं, तो दूसरे जाने-अनजाने में न तो हमें देखेंगे और न ही हमारे साथ सम्मान से पेश आएंगे।
हमेशा अपने आप में रहो, अपने आप को व्यक्त करो, अपने आप में विश्वास रखो, बाहर जाकर एक सफल व्यक्तित्व की तलाश कर और उसकी नकल मत करो। -ब्रूस ली
खुद का भला करना एक और तरह का सम्मान है।
हाँ’ या ‘हो सकता है’ कहना जब हमारा मतलब ‘नहीं’ होता है, हमारे शब्दों को चीप बना देता है, हमारे आत्म-सम्मान की भावना कम हो जाती है, और हमारी अखंडता से समझौता हो जाता है। -पाउलो कोइल्हो
तम्मना हो मिलने की तो बंद आँखों में भी नज़र आएंगे महसूस करने की तो कोशिश कीजिए दूर होते हुए भी पास नजर आएंगे !
जब आप खुद से प्यार करते हैं, तो आप अच्छा महसूस करते हैं, आप अपनी विशेषताओं, अपनी प्रतिभा, अपने कौशल और अपनी क्षमताओं को महत्व देते हैं।
मुझे अपना ख्याल है। जितना अधिक अकेला, जितना ही मित्रहीन, जितना अधिक निर्वाह मैं हूँ, उतना ही अधिक मैं स्वयं का सम्मान करूँगी। – शार्लोट ब्रोंटे
जब आप प्रेम में पड़ते हैं, तब आपके सोचने और महसूस करने के तरीके, आपकी पसंद और नापसंद, आपकी फिलॉस्‍फी और विचारधाराएं सब कुछ पिघल जाता है।
कभी-कभी आपको अहंकार के लिए नहीं बल्कि आत्म-सम्मान के लिए छोड़ना पड़ता है।
दूसरों को खुश करने के लिए अपने मूल्यों से समझौता न करें। अपने स्वाभिमान को अक्षुण्ण रखें और चले जाएँ।