#Quote

ये दिन भी क़यामत की तरह गुज़रा है ! न जाने क्या बात थी हर बात पर रोना आया.

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कुछ लोग डायरी इसलिए लिखते है, क्योंकि उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं होता
ज्यादा बात करने वाले कुछ नहीं कर पाते और कुछ कर दिखानेवाले ज्यादा बात करने में यकिन नहीं रखते!
कितना मुश्किल होता है उस शख्स को मनाना, जो रूठा भी ना हो और बात भी ना करे।
किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।
न जाने किस कॉलेज से ली थी मोहब्बत की डिग्री उसने ! जितने भी मुझसे वादे किये थे सब फ़र्ज़ी निकले.
आपको खुद पर आत्मविश्वास न हो, फिर भी आत्मविश्वासी होने का नाटक कीजिए। एक दिन ऐसा आएगा जब आपको खबर तक न होगी और आपको अपने आप पर सबसे ज्यादा भरोसा होगा। स्क्रॉल करें
जो आपके सबसे करीब होता है, वही आपको सबसे ज्यादा दुःख देने का सोचता है।
हर नया दिन एक नया मौका है, अपने लक्ष्य के करीब जाने का।
लोग कहते हैं हमसे तुम बहुत बदल गए हो ! तो अब क्या टूटे हुए पत्ते रंग भी न बदलें.
यूँ सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फाज़ो में ! जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं.