#Hindi Quote
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किताबों से बढ़कर सच्चा दोस्त और कोई नहीं हो सकता। यह आपके सुख-दुख तथा जीवन के हर पड़ाव में आपका साथ देता है।
यदि आप में स्वयं के प्रति संतोष और दूसरे के प्रति दया है तो,
बिना कठोर परिश्रम सिर्फ परेशानियाँ बढ़ती है ख़ुशियाँ नहीं।
शिक्षा केवल विद्यालय में ही अर्जित नहीं की जा सकती। यह जहां जिस रूप में मिले हमें उसे ग्रहण करना चाहिए।
कठोर परिश्रम सफलता की गारंटी नहीं है, लेकिन इसके बिना सफल होने का एक भी Chance नहीं है।
कर्म सदैव सुख न ला सके परन्तु कर्म के बिना सुख नहीं मिलता।
हमें शिक्षा केवल नौकरी पाने के लिए ही नहीं लेनी चाहिए। जन सेवा व मानव हित का कार्यभार भी हमारे युवा वर्ग के हाथों में ही है।
पहचान के ज़रिये मिला काम बहुत कम समय के लिए ही टिक पाता है, लेकिन काम से मिली पहचान ज़िन्दगी भर क़ायम रहती है।
जो श्रम से लजाता है, वह सदैव परतंत्र रहता है।
हार और जीत सिक्के के दो पहलू की तरह होते हैं, पहले के बिना दूसरा और दूसरे के बिना पहला अधूरा होता है।