#Hindi Quote
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हार और जीत सिक्के के दो पहलू की तरह होते हैं, पहले के बिना दूसरा और दूसरे के बिना पहला अधूरा होता है।
कर्म सदैव सुख न ला सके परन्तु कर्म के बिना सुख नहीं मिलता।
पहचान के ज़रिये मिला काम बहुत कम समय के लिए ही टिक पाता है, लेकिन काम से मिली पहचान ज़िन्दगी भर क़ायम रहती है।
जो श्रम से लजाता है, वह सदैव परतंत्र रहता है।
हार और जीत सिक्के के दो पहलू की तरह होते हैं, पहले के बिना दूसरा और दूसरे के बिना पहला अधूरा होता है।
शिक्षा केवल विद्यालय में ही अर्जित नहीं की जा सकती। यह जहां जिस रूप में मिले हमें उसे ग्रहण करना चाहिए।
परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है।
आपके माता-पिता आपकी पढ़ाई के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करते हैं, आप का भी कर्तव्य बनता है कि आप अपनी पढ़ाई के लिए दिन रात एक कर दें।
हमें शिक्षा केवल नौकरी पाने के लिए ही नहीं लेनी चाहिए। जन सेवा व मानव हित का कार्यभार भी हमारे युवा वर्ग के हाथों में ही है।
किताबों से बढ़कर सच्चा दोस्त और कोई नहीं हो सकता। यह आपके सुख-दुख तथा जीवन के हर पड़ाव में आपका साथ देता है।