#Hindi Quote

हार और जीत सिक्के के दो पहलू की तरह होते हैं, पहले के बिना दूसरा और दूसरे के बिना पहला अधूरा होता है।

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आपके माता-पिता आपकी पढ़ाई के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करते हैं, आप का भी कर्तव्य बनता है कि आप अपनी पढ़ाई के लिए दिन रात एक कर दें।
थोड़ा डुबूंगा, मगर मैं फिर तैर आऊंगा, ऐ ज़िंदगी, तू देख, मैं फिर जीत जाऊंगा
कर्म सदैव सुख न ला सके परन्तु कर्म के बिना सुख नहीं मिलता।
आप किस कुल, परिवार में जन्मे हो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। आपको बस दूसरों से हटकर अपनी राह बनानी होती है।
हार और जीत सिक्के के दो पहलू की तरह होते हैं, पहले के बिना दूसरा और दूसरे के बिना पहला अधूरा होता है।
जीत सिर्फ उन्हें मिलती है, जो हार मान लें, पर जीवन में हर बार उतर कर खेलें ।
जीत की खातिर बस जुनून चाहिए, जीसमें उबाल हो ऐसा खून चाहिए, यह आसमान भी आएगा जमीन पर, बस इरादों में जीत की गुंज चाहिए!
हमें शिक्षा केवल नौकरी पाने के लिए ही नहीं लेनी चाहिए। जन सेवा व मानव हित का कार्यभार भी हमारे युवा वर्ग के हाथों में ही है।
शिक्षा केवल विद्यालय में ही अर्जित नहीं की जा सकती। यह जहां जिस रूप में मिले हमें उसे ग्रहण करना चाहिए।
कड़ी मेहनत कभी थकान नहीं लाती वह संतोष लाती है।