#Hindi Quote
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शायद ये चेहरा मेरा नहीं है लेकिन कुछ चेहरे देखकर मुझे मेरा चेहरा बदलने का मन करता है।
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार होता
मित्रता सबसे शुद्ध प्रेम है।
शायद ये चेहरा मेरा नहीं है लेकिन कुछ चेहरे देखकर मुझे मेरा चेहरा बदलने का मन करता है
दोस्ती का मतलब यह नहीं हैं कि आप किसी को कितने समय से जानते हैं।
दोस्ती ख़्वाब है और ख़्वाब की ता’बीर भी है रिश्ता-ए-इश्क़ भी है याद की ज़ंजीर भी
दिल में कुछ जलता है, शायद दुआ धुआ सा लगता है। आंख में कुछ अच्छा है, शायद सपना कोई सुलगता है ।
जो दोस्त हैं वो माँगते हैं सुल्ह की दुआ दुश्मन ये चाहते हैं कि आपस में जंग हो
मेरे उज्जवल भविष्य के लिए जो त्याग तुमने किया, वैसा त्याग शायद कोई दूसरा नहीं कर पायेगा।
दुनिया से दोस्ती अच्छी है मगर भगवान की यारी की तो