#Hindi Quote

ख़ुदा के वास्ते मौक़ा न दे शिकायत का कि दोस्ती की तरह दुश्मनी निभाया कर

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हम को यारों ने याद भी न रखा जौन' यारों के यार थे हम तो
दोस्ती आम है लेकिन ऐ दोस्त दोस्त मिलता है बड़ी मुश्किल से
मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा दे ये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिजा नहीं है
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार होता
लोग डरते हैं दुश्मनी से तिरी हम तिरी दोस्ती से डरते हैं
हटाए थे जो राह से दोस्तों की वो पत्थर मिरे घर में आने लगे हैं
जिंदगी की सच्चाई, अपने सपनों को खुदा बनाने में छुपी होती है।
ऐ दोस्त तुझ को रहम न आए तो क्या करूँ दुश्मन भी मेरे हाल पे अब आब-दीदा है
खुदा भी काफी महान है, ज़िंदगी मे सिर्फ खुदा है, और खुदा ही मेरा पूरा जहां है।
ये शिकायत नहीं तजुर्बा हैं ज़नाब की, क़द्र करने वालो की कोई क़द्र नहीं होती!