#Hindi Quote
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मैं अकेला रह जाता मायूसी भर के, जो तू मेरे घर का चिराग ना बनती मैं फिर कभी ऐसा हसमुख ना होता, जो तू बहना मेरा मान ना बनती
बहन उन्हीं के हिस्से आती है, जिनके होते हैं कर्म महान सभ्यताओं का संरक्षण करती, नारी ही करती है कल्याण
मेरे उज्जवल भविष्य के लिए जो त्याग तुमने किया, वैसा त्याग शायद कोई दूसरा नहीं कर पायेगा ।
न जाने किस दरबार का चिराग़ हूँ मैं , जिसका दिल करता है जलाकर छोड़ देता है
खुला जब-जब पन्ना कहानी का मेरी, मैंने पाया बहना सदा इसमें नाम छुपा तुम्हारा
निगाहों में मजे थी, गिरे और गिर कर संभलते रहे,हवाओं ने खूब कोशिश की, मगर चिराग आंधियों में जलते रहे।
तेरे होने से ही मेरे घर परिवार में खुशियां हैं क्योंकि बहना तू मुझे मिला खुशियों का वरदान है ।
तेरे होने से ही मेरे घर परिवार में खुशियां हैं क्योंकि बहना तू मुझे मिला खुशियों का वरदान है।
मेरे भीतर पनपे विश्वास की जड़ तुम हो बहना, मेरी जीत का एकलौता श्रेय तुम हो बहना
जो मैं जलते चिराग में पड़ा तेल हूँ, तो सच यह है कि बहना तुम उस चिराग में जलती बाती हो।