#Hindi Quote

उसकी छाया में चलकर, उसका ही साया बनना है खुशियों की खातिर उसकी पीड़ाओं से भी लड़ना है कैसे न हो गर्व मुझे, उसका भाई होने पर जो मुझ जुगनू को रोशन करती, वो बस मेरी बहना है

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तुम पवित्रता की प्रतिमा हो, बहना तुम परिवर्तन की प्रतिभा हो।
जो मैं जलते चिराग में पड़ा तेल हूँ, तो सच यह है कि बहना तुम उस चिराग में जलती बाती हो ।
आकाश में जितने भी तारे हैं या कि वह प्रतिबिंब हमारे हैं बगिया है जैसे बहना की तरह, जिसने फूल दिए कई सारे हैं।
बहना मेरी हर सुबह की भोर हो तुम, हर सवालों का जवाब और मेरे मन में उठा शोर हो तुम
ज़िंदगी” की “तपिश” को “सहन” किजिए “जनाब”, अक्सर वे “पौधे” “मुरझा” जाते हैं, जिनकी “परवरिश” “छाया” में होती हैं।
नारी के बलिदान को वही सम्मान मिलता है, जहाँ बहनों ने खुद से पहले भाई की खुशियों को रखा हो।
अँधेरे में परछाईं भी अपना साथ छोड़ देती है।
हमें उनकी छाया में चलकर उनकी छाया बनना है। ख़ुशी के लिए हमें दर्द से भी लड़ना पड़ता है. मैं उसका भाई होने पर गर्व कैसे नहीं कर सकता? मेरे जुगनू को जलाने वाली एकमात्र मेरी बहन है
तुम से ही मेरे भीतर साकारात्मक ऊर्जाओं का संचार हुआ, तुम ही मेरे विचारों की जननी हो बहना।
जिन पर होती है घरेलू हिंसा, मिलती हो जिनको प्रताड़ना सदा बहन उन्हीं की आवाज बनो तुम, वीरता से करो बुराई का सामना सदा -- मयंक विश्नोई