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दर्द, गम, डर जो भी है बस तेरे अंदर हैं, खुद के बनाये पिंजरे से निकल कर देख, तू भी एक सिकंदर हैं

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किसी के पैरों में गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो
जिंदगी में आप कितनी बार हारे, ये कोई मायने नहीं रखता, क्यूंकि आप जीतने के लिए पैदा हुए हैं
पीठ हमेशा मजबूत रखनी चाहिए, क्यूंकि शाबासी और धोखा, दोनों पीछे से ही मिलते हैं
दर्द, गम, डर जो भी है बस तेरे अंदर हैं, खुद के बनाये पिंजरे से निकल कर देख, तू भी एक सिकंदर हैं!
जित और हार आपकी सोच पर निर्भर करती हैं, मान लो तो हार होगी और ठान लो तो जित होगी
क्रोध के समय थोड़ा रुक जाएं, और गलती के समय थोड़ा झुक जाएं, तो दुनिया की सब समस्याएं हल हो जाएगी
जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी, उस काम को करने में हैं, जिसे लोग कहते हैं. “तुम नहीं कर सकते
प्रेम दिवस कैसे मनाता चारों तरफ गम के बादल छाए थे, नमन है मेरा उन शहीदों को जो तिरंगा ओढ़ कर आए थे.
मुश्किल कोई आ जाये तो ड़रने से क्या होगा, जीने की तरकिब निकालो मर जाने से क्या होगा।
मैं वो खेल नहीं खेलता, जिसमे जीतना फिक्स हो, क्योंकि जीतने का मजा तब हैं, जब हारने का रिस्क हो