#Quote

जब ‘दर्द’ और ‘कड़वी’ बोली दोनों मीठी लगने लगे तब समझ लीजिये कि जीना आ गया

Facebook
Twitter
More Quotes
दर्द तब और भी गहरा होता है जब, हमें अपने ही लोगो से धोखा मिलता है
मोहब्बत ने यू शिला दिया है मुझे, जो मेरे हक में ना था वो दर्द भी दिया है मुझे।
यूँ जमीन पर बैठकर क्यूँ आसमान देखता है पँखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है
जब परिवार के सदस्य अप्रिय लगने लगे और पराये अपने लगने लगे, तो समझ लीजिए विनाश का समय आरंभ हो गया है।
जब तक किसी काम को हम शुरू नहीं करते, तब तक वह नामुमकिन ही लगता हैं…
मुसाफ़िर कल भी था मुसाफ़िर आज भी हूँ,कल अपनों की तलाश में था आज अपनी तलाश मैं हूँ!
जवाब सुनकर वह भी रोने लगा कहीं ना कहीं मेरे दर्द में खोने लगा
दर्द कम नहीं हुआ है मेरा ! बस सहने की आदत हो गयी है !!
जीवन में शांति चाहते हैं तो दुसरों की शिकायतें करने से बेहतर है ख़ुद को बदल लें,क्योंकि पुरी दुनिया में कारपेट बिछाने से ख़ुद के पैरों में चप्पल पहन लेना अधिक सरल है।
मंजिलें बड़ी ज़िद्दी होती हैं हासिल कहाँ नसीब से होती हैं मगर वहाँ तूफान भी हार जाते हैं जहाँ कश्तियाँ ज़िद पर होती हैं।