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रोटी तो हर कोई कमाता है लेकिन कुछ ही लोग रोटी परिवार के साथ बैठ कर खाते है
जब परिवार के सदस्य अप्रिय लगने लगे और पराये अपने लगने लगे, तो समझ लीजिए विनाश का समय आरंभ हो गया है।
जिन्दगी की गुणवत्ता , काम और दोस्तों और परिवार के बीच एक सही खुशनुमा संतुलन खोजने के बारे में है।
परिवार का तुम पर स्नेह बड़ा, मैं भी तुम पर गर्व करता हूँ बहन तुम्हें खुश रखने का ही मैं अपना धर्म समझता हूँ -- मयंक विश्नोई
परिवार के साथ घर जाकर अच्छा खाना खाने और आराम करने से अच्छा और कुछ नहीं है।
जो कभी ना भर पाए ऐसा भी एक घाव है, जी हां उसका नाम लगाव है
चले जायेंगे तुझे तेरे हाल पर छोड़कर, कदर क्या होती है ये तुझे वक्त सिखा देगा।
तुम मोहब्बत की बात करते हो आजकल के लोग रिप्लाई भी शक्ल देखकर करते है
ऊपर वाले ने दुनिया में सबसे अच्छी एक ही चीज़ बनाई, वो है परिवार
जिंदगी भर जिनको प्यार दिया, धोखा दिया उसीने जिस पर भरोसा किया