#Quote

एक पर्व ही बताता है कि ख्याल कितना है, वरना कोई तराजू नहीं होता रिश्तों में।

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जब रास्तों पर चलते चलते मंजिल का ख्याल ना आये तो आप सही रास्ते पर है।
पतझड़ में ही रिश्तों की परख होती है, बारिश में तो हर पत्ता हरा ही दिखता है
मैं हर रात की ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता, हुन मगर रोज सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती हैं.
सभी की खुशियों का ख्याल रखते-रखते हम बड़े हो जाते हैं, फिर एक दिन अचानक ही अपनी खुशी गायब हम पाते हैं।
मुझे अपना ख्याल है। जितना अधिक अकेला, जितना ही मित्रहीन, जितना अधिक निर्वाह मैं हूँ, उतना ही अधिक मैं स्वयं का सम्मान करूँगी। – शार्लोट ब्रोंटे
परिवर्तन कभी आसान नहीं होता, लेकिन हमेशा संभव होता है।
ऐ उमर… अगर दम है तो कर दे इतनी सी खाता। बचपन तो छीन लिया, बचपना छीन कर बता।
थोड़ा सा हसाके, थोड़ा सा रुलाके, पल ये भी जाने वाला है।
सोचो कितनी खूबसूरत होगी जिंदगी। जब दोस्त, मोहब्बत और हमसफ़र तीनो एक ही इंसान हो।
झूठे तेरे वादों पे बरस बिताये। जिंदगी तो काटी, ये रात कट जाए।