#Quote
More Quotes
आखों की नज़र से नहीं, हम दिल की नज़र से प्यार करते है.. आप दिखे या न दिखे फिर भी, हम आपका दीदार करते है.
हर रक्षा बंधन मैं अपने मन के भीतर तुम्हारी सुख, समृद्धि का संकल्प लेता हूँ । संकल्प
नारी के बलिदान को वही सम्मान मिलता है, जहाँ बहनों ने खुद से पहले भाई की खुशियों को रखा हो ।
हर किसी के सामने झुकना सही नहीं होता और जो नजरंदाज करे उसके पास रुकना सही नहीं होता !
सोचा न था जिंदगी ऐसे फिर से मिलेगी, जीने के लिए आंखों को प्यार लगेगी अपने ही आंसू पीने के लिए ।
उम्मीद की बस एक किरण ही काफी है आपकी आँखों में आयी
जो सभी का मित्र होता है, वो किसी का मित्र नहीं होता। ~ अरस्तू
तुम संघर्ष के समय बनी ऐसी प्रतिमा हो बहना, जिसे न्याय की मूर्ति कहना गलत ना होगा ।
उम्मीद की बस एक किरण ही काफी है , आपकी आँखों में आयी नमी को सुखाने के लिए।
अब तो शायद ही मुझसे मुहब्बत करेगा कोई, तेरी तस्वीर जो मेरी आखों में साफ नजर आती है !