#Quote
More Quotes
गुज़र जायेगा ये दौर भी ज़रा सब्र तो रख ! जब खुशियाँ ही न रुकी तो ग़म की क्या औकात है !!
एक ख्वाहिश थी के जिंदगी तेरे साथ गुजरे, एक ख्वाहिश है कि तुमसे अब उम्र भर सामना ना हो
मुस्कुराना तो आदत है हमारी जनाब, वरना ज़िंदगी तो हमसे भी नाराज है
सुकून ढूंढना है तो खुद में ढूंढो, लोगों में ढूंढोगे तो बेचैन रहोगे
थका हुआ हु थोड़ा, जिंदगी भी थोड़ी नाराज है, पर कोई बात नही ये तो रोज की बात है
खामोश चहरे पर हजारों पहरे होते है, हस्ती आंखो में भी ज़ख्म गहरे होते है
सारे जहां की खुशियां मिले मेरी बहन को, इस रक्षाबंधन पर यही दुआ है मेरी !
वो एक रोज सारी खुशियाँ लेकर लौट आएगी, इस उम्मीद को लेकर बहाल रही है जिंदगी
सफर मोहब्बत का अब खत्म ही समझो, तेरे रवइये से जुदाई की महक आती है
मुझे तेरा साथ जिंदगी भर नही चाहिए, बस जब तक तू साथ है तब तक ज़िंदगी चाहिए