#Quote

संभल कर चल नादान ये इंसानों की बस्ती है, ये खुदा को भी आजमा लेते है, फिर तेरी क्या हस्ती है..!!!

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सिर्फ मैं हाथ थाम सकूँ उसका, मुझ पे इतनी इबादत सी कर दे, वो रह ना पाऐ एक पल भी मेरे बिन, ऐ खुदा तू उसको मेरी आदत सी कर दे.
इतना उदास ना हो-ए-दिल, बस भरोसा ही तो टूटा है, ये बिछड़ने वाले कब अपने होते है, कोई पराया ही तो रूठा है..!!!
तुम कहा हो मेरे करीब आओ, मैं कहा हु मुझे पता तो चले..!!!
मैं चाहूं तो आज ही तुम्हे मना लू, मगर तुम वो रहे ही नही जिसकी मुझे तलब थी.!!!
नई जिंदगी शुरू करने के लिए हमेशा पन्ने पलटना काफ़ी नहीं होता, कभी कभी किताब भी बदलनी पड़ती है…!!!
मैं हर रात कुछ इस क़दर बिखरता हु, की मुझे समेटने के लिए ये रात सदियों में गुजरती है..!!!
अगर कोई जोर देकर पूछेगा हमारी मोहब्बत की कहानी, तो हम भी धीरे से कहेंगे की मुलाकात को तरस गए.!!!
जब उन्हे पाने के काबिल हुए हम, वो किसी और को हासिल हो गए..!!!
मिला वो मुझे हर जगह, मिला ना हाथो की लकीरों में..!!!
सवाल ज़हर का नही था, वो तो मैं पी गया, तकलीफ तो लोगो को तब हुई, जब मैं जी गया.!!!