#Quote

निंदा उसी की होती हैं जो ज़िन्दा हैं, मरने के बाद तो केवल तारीफ़ होती हैं।

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पैसा कमाने के लिए इतना वक़्त खर्च न करो कि पैसे को खर्च करने के लिए जिंदगी में ही वक़्त ही न मिले।
ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी।
निंदा से घबराकर अपने लक्ष्य को ना छोड़े, क्योंकि लक्ष्य मिलते ही अक्सर निंदा करने वालों की राय बदल जाती हैं।
ज़िन्दगी भी अक्सर कमाल करती है, कभी देती है जवाब तो कभी सवाल करती है।
ज़िन्दगी में अगर गुलाब की तरह खिलना है तो कांटों से तालमेल की कला को सीखना ही होगा।
ज़िन्दगी में सदा ही हौसले बड़ा रखना चाहिए। ख़ुशी हो या ग़म, हमेशा मुस्कुराना चाहिए।
जब ज़िंदगी आपको पीछे धकेल दे, तो समझ जाना एक बड़ी छलांग लगाने का वक़्त आ गया है।
तूफानों से टकराने पर तनिक जो तस से मस न होते हैं ज़िंदगी की नौका को वही पार साहस से करते हैं।
जीवन में अगर कोई आपके किये हुए कार्य की तारीफ़ न करे तो चिंता मत करना, क्यूंकि आप उस दुनिया में रहते है, जहाँ जलता तो तेल और बाती है पर लोग कहते है की दिपक जल रहे है!
ज़िन्दगी पल-पल ढलती है, जैसे रेत मुठ्ठी से फिसलती है कुछ खोकर पछताना क्यों, ज़िंदगी जैसी भी है बस एक ही बार मिलती है।