#Hindi Quote
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दोस्ती जब किसी से की जाए दुश्मनों की भी राय ली जाए
ऐ दोस्त तुझ को रहम न आए तो क्या करूँ दुश्मन भी मेरे हाल पे अब आब-दीदा है
दुनिया से दोस्ती अच्छी है मगर भगवान की यारी की तो
मुझे दोस्ती करनी हैं इस वक़्त के साथ
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार होता
तुझे कौन जानता था मिरी दोस्ती से पहले तिरा हुस्न कुछ नहीं था मिरी शाइरी से पहले
दोस्ती में भी उतार चढाव होते हैं। आपके मन अलग होते हैं, कभी कभी आप दोनों अलग हो जाते हैं, लेकिन फिर वापस एक साथ हो जाते हैं। यही तो दोस्ती हैं।
दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है दोस्तों ने भी क्या कमी की है
सच्ची दोस्ती सच्चा ज्ञान दे सकती हैं।
दोस्ती एक फुल टाइम बिज़नस हैं।