#Hindi Quote

सारी उम्र गुज़री यूं ही रिश्तों की तुरपाई में, मन के रिश्ते पक्के निकले, बाकि उधड़ गए कच्ची सिलाई में

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एक पर्व ही बताता है कि ख्याल कितना है, वरना कोई तराजू नहीं होता रिश्तों में।
इंसान का ‘ज़मीर’ और शतरंज का ‘वज़ीर’ एक जैसा होता है क्योकी अगर दोनो मर गए, तो खेल खत्म
हजारों ख़्वाब टूटते हैं, तब कहीं एक सुबह होती है.
उम्र से अधिक अनुभव परिस्थितियों का सामना करने से आता है
रूठे हुए को मनाना जिंदगी है, दुसरों को हंसाना जिंदगी है। कोई जीतकर खुश हुआ तो क्या हुआ, सब कुछ हारकर मुस्कुराना भी जिंदगी है।
हमें उम्र से हमने तुमको चाहा है, जिस उम्र में हम जिस्म से वकीफ ना थे..
अपने रिश्तो को उस ताले की तरह बनाओ जिसे हथोड़े की चोट तो मंजूर हो, मगर किसी दूसरी चाबी से खुलना मंजूर नहीं.
लोग आपको नहीं आपके अच्छे वक़्त को अहमियत देते हैं
गुरुर किस बात का साहब, आज मिट्टी के उपर, तो कल मिट्टी के निचे
तीन चीजें उम्र के साथ और अधिक कीमती हो जाती हैं – जलाने के लिए पुरानी लकड़ी, पढने के लिए पुरानी किताबें और आनंद लेने के लिए पुराने दोस्त।