#Hindi Quote

एक पर्व ही बताता है कि ख्याल कितना है, वरना कोई तराजू नहीं होता रिश्तों में।

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सभी की खुशियों का ख्याल रखते-रखते हम बड़े हो जाते हैं, फिर एक दिन अचानक ही अपनी खुशी गायब हम पाते हैं।
मुझे अपना ख्याल है। जितना अधिक अकेला, जितना ही मित्रहीन, जितना अधिक निर्वाह मैं हूँ, उतना ही अधिक मैं स्वयं का सम्मान करूँगी। – शार्लोट ब्रोंटे
इक ज़रा चेहरा उधर कीजे, इनायत होगी आप को देख के। बड़ी देर से मेरी सांस रुकी है।
कभी तो चौक के देखे कोई इंसान तरफ, किसी की आंख में हमको भी इंतजार दिखे।
सोचा न था जिंदगी ऐसे फिर से मिलेगी, जीने के लिए आंखों को प्यार लगेगी अपने ही आंसू पीने के लिए।
सारी उम्र गुज़री यूं ही रिश्तों की तुरपाई में, मन के रिश्ते पक्के निकले, बाकि उधड़ गए कच्ची सिलाई में
थोडा सा रफू करके देखिये ना, फिर से नई सी लगेगी। जिंदगी ही तो है।
थोड़ा है, थोड़ी की जरूरत है। जिंदगी फिर भी यहां खूबसूरत है।
हमें उम्र से हमने तुमको चाहा है, जिस उम्र में हम जिस्म से वकीफ ना थे..
पैसे को दिमाग में नही जेब मे रखना चाहये, रिश्तों को खुले में नही दिलों में रखना चाहिये!