#Hindi Quote
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खुद पर काबु रखना एक परिपक्व इंसान की निशानी है; वक्त से पहले खुद पर काबु खो देना अपरिपक्वता की पहचान है।
कोई सिखादे मुझे भी अपने वादों से मुक़र जाना ! बहुत थक चुका हूँ निभाते-निभाते.
अच्छे काम करते रहिये चाहे लोग तारीफ करें या न करें आधी से ज्यादा दुनिया सोती रहती है सूरज फिर भी उगता हैं.
जीवन में कभी समझौता करना पड़े तो कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकड़ तो मुर्दे की पहचान होती है।
कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए, भीड़ साहस तो देती है, मगर पहचान छिन लेती है।
पहचान से मिला काम थोडे बहुत समय के लिए रहता हैं लेकिन काम से मिली पहचान उम्रभर रहती
समय दिखाई नहीं देता पर बहुत कुछ दिखा कर चला जाता है|
ये न थी हमारी किस्मत कि विसाले-यार होताअगर और जीते रहते यही इंतिजार होता
जब गलती अपनी हो तो हमसे बडा कोई वकील नही जब गलती दूसरो की हो तो हमसे बडा कोई जज नही.
जिनकी ज़िंदगी बहुत भीड़ होती है, वहां से निकलना ही सही होता है I