#Hindi Quote
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जिस व्यक्ति के अंदर स्वयं को खोने का डर नहीं है, जो इससे मुक्त हो चुका है, वही प्रेम को जान सकता है, वही प्रेम बन सकता है।
जब जागो तब सवेरा।
विवेक प्रशिक्षण का परिणाम नहीं है, बल्कि इसे हासिल करने का आजीवन प्रयास है। - अल्बर्ट आइंस्टीन
क्या आश्चर्य है! जब मैं बदलूंगा तो सबसे पहले तुम बदलोगे। और मेरे बदलाव की वजह तुम हो.
मित्रता सबसे शुद्ध प्रेम है।
किसी को इतना भी मत डराओ कि डर ही ख़त्म हो जाये।
हर चमकती हुई चीज़ सोना नहीं होती।
ज़िंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए।
दोस्ती का कोई मज़हब नहीं होता।
सभी खेल जो खेले जाने थे वे खेले गए और हम टूटी हुई नाव के साथ समुद्र में थे जब सुगंध हमारे हाथों को छूकर गुजर गई! सबको फूल देकर हम पत्थर बन गये।