#Hindi Quote
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मेरी बहन ही तो है जो रोज मेरा हाल कुछ इस अंदाज़ में पूछती है मेरे सवालों पर हंसती है और मेरी फ़िक्र में सुबह-शाम झूझती है
बोलो बहन कैसे कह दूँ कि मैं तुम्हारे बिना सभ्य हुआ, वास्तविकता तो यही है कि तुमसे ही सभ्यताओं का सृजन हुआ है ।
संघर्ष जितना कठिन होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
मैं अकेला रह जाता मायूसी भर के, जो तू मेरे घर का चिराग ना बनती मैं फिर कभी ऐसा हसमुख ना होता, जो तू बहना मेरा मान ना बनती
राह संघर्ष की जो चलता है; वो ही संसार को बदलता है, जिसने रातों से जंग जीती, सूर्य बनकर वहीं निकलता है।
आशाओं की किरण ओझिल हो नहीं सकती नारी भी कभी यूँ ही अवला हो नहीं सकती मेरी बहन को देखा मैंने, जो वीरांगना की परिभाषा हैं उसके होने पर मैं निर्भय, वो मेरी विजय की आशा है
एक दिन वर्षों का संघर्ष, बहुत खूबसूरत तरीके से तुमसे टकराएगा!
बहन उन्हीं के हिस्से आती है, जिनके होते हैं कर्म महान सभ्यताओं का संरक्षण करती, नारी ही करती है कल्याण
संघर्ष उस पथ पर आगे बढ़ने का कारण बनता है, जहां दूसरे लोग रुक जाते हैं।
एक दिन वर्षों का संघर्ष बहुत खूबसूरत तरीके से तुमसे टकराएगा.