#Hindi Quote
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लगी है आग सीने में, तो दिखना भी चाहिए, ताकि इसकी चिंगारी से दूसरे भी जल सकें।
जागना एक आदत है मेरी मेरी सफ़लता चाहत है मेरी।
ज़िन्दगी भर नहीं दूंगा।
हर फैसला मेरा बेहतर था सिवाए ज़िन्दगी में तेरे आने के।
स्टेशन जैसी हो गयी है ज़िन्दगी, जहां लोग तो बहुत है, पर अपना कोई नह।
ज़िन्दगी पल-पल ढलती है, जैसे रेत मुठ्ठी से फिसलती है कुछ खोकर पछताना क्यों, ज़िंदगी जैसी भी है बस एक ही बार मिलती है।
मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में, बस हम गिनती उसी की करते है जो हासिल ना हो सका.
ज़िन्दगी में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन मंजिल वही पाता है जो ठहरता नहीं।
ज़िन्दगी में कुछ ज़ख्म ऐसे होते है जो कभी नहीं भरते बस इंसान उन्हें छुपाने का हुनर सीख जाता है
ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी