#Hindi Quote
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ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी।
माना दूरियां कुछ बढ़ सी गई है, मगर तेरे हिस्से का वक्त हम आज भी तनहा गुजरते हैं
तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर। चलते वक्त के साथ चल, उसमें सिमटने की कोशिश न कर।
सच्ची दोस्ती के रंग गहरे पक्के होते हैं, ज़िन्दगी की धूप में भी उड़ा नही करते।
मिली थी जिंदगी किसी के काम आने के लिए, पर वक़्त बीत रहा है कागज के टुकड़े कमाने के लिए।
जिंदगी की खूबसूरती, हर कठिनाई को मुस्कान में बदलने में है
जो इंसान आपकी क़दर करनी न जनता हो, बेहतर है ऐसे इंसान से दूरी बना लेना।
वक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल जाता है, लोग भी और रास्ते भी अहसास भी!
वक़्त सबको मिलता है जिंदगी बदलने के लिये। पर जिंदगी दोबारा नहीं मिलती वक़्त बदलने के लिये।
चलते वक्त के साथ तु भी चल उसमें सिमटने की कोशिश न कर